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ramayan 6.10.22: हे वीर! ऐसी परिस्थिति में मुझे यही प्रायश्चित उचित प्रतीत होता है कि विदेह राजकुमारी सीता को श्री रामचन्द्र जी को लौटा दिया जाए।   |   ramayan सर्ग 6.10: विभीषण का रावण के महल में जाना, उसे अपशकुनों का भय दिखाकर सीता को लौटा देने के लिये प्रार्थना करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.10.22 
तदेवं प्रस्तुते कार्ये प्रायश्चित्तमिदं क्षमम्।
रोचये वीर वैदेही राघवाय प्रदीयताम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे वीर! ऐसी परिस्थिति में मुझे यही प्रायश्चित उचित प्रतीत होता है कि विदेह राजकुमारी सीता को श्री रामचन्द्र जी को लौटा दिया जाए।
 
Valiant one! In such circumstances, the only atonement that seems best to me is that Videha princess Sita be returned to Sri Ramachandra ji.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)