श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 10: विभीषण का रावण के महल में जाना, उसे अपशकुनों का भय दिखाकर सीता को लौटा देने के लिये प्रार्थना करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.10.19 
वायसा: संघश: क्रूरा व्याहरन्ति समन्तत:।
समवेताश्च दृश्यन्ते विमानाग्रेषु संघश:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
क्रूर कौए झुंड बनाकर कठोर स्वर में काँव-काँव करने लगते हैं और वे घरों की सातवीं मंजिल पर समूह बनाकर इकट्ठे होते दिखाई देते हैं ॥19॥
 
The ferocious crows gather in flocks and start cawing in harsh tones and they are seen gathering in groups on the seventh floor of houses.॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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