Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.1.7: जो सेवक अपने स्वामी द्वारा कठिन कार्य सौंपे जाने पर उसे पूरा करता है और उसी प्रकार का दूसरा कार्य भी करता है (यदि वह मुख्य कार्य के विरोध में न हो) वह सेवकों में श्रेष्ठ कहा जाता है।॥7॥ | ramayan सर्ग 6.1: हनुमान जी की प्रशंसा करके श्रीराम का उन्हें हृदय से लगाना और समुद्र को पार करने के लिये चिन्तित होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यो हि भृत्यो नियुक्त: सन् भर्त्रा कर्मणि दुष्करे।
कुर्यात् तदनुरागेण तमाहु: पुरुषोत्तमम्॥ ७॥
अनुवाद
जो सेवक अपने स्वामी द्वारा कठिन कार्य सौंपे जाने पर उसे पूरा करता है और उसी प्रकार का दूसरा कार्य भी करता है (यदि वह मुख्य कार्य के विरोध में न हो) वह सेवकों में श्रेष्ठ कहा जाता है।॥7॥
A servant who, after being assigned a difficult task by his master, completes it and also performs another similar task (if it is not in conflict with the main task) is said to be the best among servants.॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥