Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.7.9: उस विमान का आधार (जहाँ सवार खड़े थे) सोने और रत्नों से निर्मित कृत्रिम पर्वतमालाओं से पूर्णतः सुसज्जित था। उन पर्वतों को वृक्षों की लम्बी पंक्तियों से हरा-भरा बनाया गया था। उन वृक्षों को पुष्पों से परिपूर्ण बनाया गया था और वे पुष्प भी पूर्णतः केसर और पंखुड़ियों से निर्मित थे।*॥9॥ | ramayan सर्ग 5.7: रावण के भवन एवं पुष्पक विमान का वर्णन । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस विमान का आधार (जहाँ सवार खड़े थे) सोने और रत्नों से निर्मित कृत्रिम पर्वतमालाओं से पूर्णतः सुसज्जित था। उन पर्वतों को वृक्षों की लम्बी पंक्तियों से हरा-भरा बनाया गया था। उन वृक्षों को पुष्पों से परिपूर्ण बनाया गया था और वे पुष्प भी पूर्णतः केसर और पंखुड़ियों से निर्मित थे।*॥9॥
The base of that vimana (place where the riders stood) was made complete with artificial mountain ranges made of gold and gems. Those mountains were made lush green with long rows of trees. Those trees were made full of flowers and those flowers were also made completely of saffron and petals*॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥