Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.68.25: तुम शीघ्र ही देखोगे कि सिंहों के समान पराक्रमी और शत्रुओं का नाश करने वाले श्री राम और लक्ष्मण धनुष हाथ में लिए लंका के द्वार पर आ पहुँचे हैं॥ 25॥ | ramayan सर्ग 5.68: हनुमान जी का सीता के संदेह और अपने द्वारा उनके निवारण का वृत्तान्त बताना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अरिघ्नं सिंहसंकाशं क्षिप्रं द्रक्ष्यसि राघवम्।
लक्ष्मणं च धनुष्मन्तं लङ्काद्वारमुपागतम्॥ २५॥
अनुवाद
तुम शीघ्र ही देखोगे कि सिंहों के समान पराक्रमी और शत्रुओं का नाश करने वाले श्री राम और लक्ष्मण धनुष हाथ में लिए लंका के द्वार पर आ पहुँचे हैं॥ 25॥
You will soon see that Sri Rama and Lakshmana, as valiant as lions and destroyers of enemies, have arrived at the gates of Lanka with bows in their hands.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥