Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.68.10: हे वीर! जब इस कार्य का साधन इतना कठिन हो गया है, तब इसकी सिद्धि के लिए आप क्या उपाय सोचते हैं? आप कार्यसिद्धि के साधन जानने वालों में श्रेष्ठ हैं, अतः मेरे प्रश्न का उत्तर दीजिए॥10॥ | ramayan सर्ग 5.68: हनुमान जी का सीता के संदेह और अपने द्वारा उनके निवारण का वृत्तान्त बताना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे वीर! जब इस कार्य का साधन इतना कठिन हो गया है, तब इसकी सिद्धि के लिए आप क्या उपाय सोचते हैं? आप कार्यसिद्धि के साधन जानने वालों में श्रेष्ठ हैं, अतः मेरे प्रश्न का उत्तर दीजिए॥10॥
‘Valiant! When the means of this task have become so difficult, then what solution (method) do you think for its accomplishment? You are the best among those who know the means of accomplishment of tasks, so answer my question.॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥