Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.67.3: 'एक समय चित्रकूट में जानकी देवी आपके साथ सुखपूर्वक सोई थीं। वे आपसे पहले जाग गईं। उसी समय एक कौआ अचानक उड़कर उनकी छाती पर चोंच मार गया।   |   ramayan सर्ग 5.67: हनुमान जी का भगवान् श्रीराम को सीता का संदेश सुनाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 67: हनुमान जी का भगवान् श्रीराम को सीता का संदेश सुनाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.67.3 
सुखसुप्ता त्वया सार्धं जानकी पूर्वमुत्थिता।
वायस: सहसोत्पत्य विददार स्तनान्तरम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
'एक समय चित्रकूट में जानकी देवी आपके साथ सुखपूर्वक सोई थीं। वे आपसे पहले जाग गईं। उसी समय एक कौआ अचानक उड़कर उनकी छाती पर चोंच मार गया।
 
‘Once upon a time in Chitrakoot, Janaki Devi slept happily with you. She woke up before you. At that time, a crow suddenly flew and pecked her chest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)