vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 5: सुन्दर काण्ड
»
सर्ग 67: हनुमान जी का भगवान् श्रीराम को सीता का संदेश सुनाना
»
श्लोक 27-28h
श्लोक
5.67.27-28h
तावुभौ नरशार्दूलौ राजपुत्रौ परंतपौ॥ २७॥
त्वद्दर्शनकृतोत्साहौ लङ्कां भस्मीकरिष्यत:।
अनुवाद
‘शत्रुओं को पीड़ा देने वाले वे दोनों श्रेष्ठ राजकुमार तुम्हें देखकर उत्तेजित होंगे और लंकापुरी को जलाकर राख कर देंगे । 27 1/2॥
‘Those two noble princes, who torment the enemies, will be excited to see you and will burn Lankapuri to ashes. 27 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×