श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 67: हनुमान जी का भगवान् श्रीराम को सीता का संदेश सुनाना  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  5.67.27-28h 
तावुभौ नरशार्दूलौ राजपुत्रौ परंतपौ॥ २७॥
त्वद्दर्शनकृतोत्साहौ लङ्कां भस्मीकरिष्यत:।
 
 
अनुवाद
‘शत्रुओं को पीड़ा देने वाले वे दोनों श्रेष्ठ राजकुमार तुम्हें देखकर उत्तेजित होंगे और लंकापुरी को जलाकर राख कर देंगे । 27 1/2॥
 
‘Those two noble princes, who torment the enemies, will be excited to see you and will burn Lankapuri to ashes. 27 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)