Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.67.25-26h: 'देवि! मैं सत्य की शपथ खाकर कहता हूँ कि आपके दुःख के कारण श्री रामचन्द्रजी सब कार्यों से विरत हैं। श्री राम के दुःख से लक्ष्मण भी व्याकुल हो रहे हैं।॥25 1/2॥ | ramayan सर्ग 5.67: हनुमान जी का भगवान् श्रीराम को सीता का संदेश सुनाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्वच्छोकविमुखो रामो देवि सत्येन ते शपे॥ २५॥
रामे दु:खाभिभूते च लक्ष्मण: परितप्यते।
अनुवाद
'देवि! मैं सत्य की शपथ खाकर कहता हूँ कि आपके दुःख के कारण श्री रामचन्द्रजी सब कार्यों से विरत हैं। श्री राम के दुःख से लक्ष्मण भी व्याकुल हो रहे हैं।॥25 1/2॥
‘Devi! I swear by the truth that Shri Ramchandraji is refraining from all his activities because of your grief. Laxman is also getting distressed due to Shri Ram being sad.॥ 25 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥