Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.67.20-21h: 'आप बल और पराक्रम से परिपूर्ण हैं। यदि आपमें मेरे प्रति तनिक भी सम्मान है, तो आप युद्धभूमि में अपने तीखे बाणों से शीघ्र ही रावण का वध कर दीजिए।'   |   ramayan सर्ग 5.67: हनुमान जी का भगवान् श्रीराम को सीता का संदेश सुनाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 67: हनुमान जी का भगवान् श्रीराम को सीता का संदेश सुनाना  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  5.67.20-21h 
तव वीर्यवत: कश्चिन्मयि यद्यस्ति सम्भ्रम:॥ २०॥
क्षिप्रं सुनिशितैर्बाणैर्हन्यतां युधि रावण:।
 
 
अनुवाद
'आप बल और पराक्रम से परिपूर्ण हैं। यदि आपमें मेरे प्रति तनिक भी सम्मान है, तो आप युद्धभूमि में अपने तीखे बाणों से शीघ्र ही रावण का वध कर दीजिए।'
 
‘You are full of strength and valour. If you have any respect for me, then you should quickly kill Ravana on the battlefield with your sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)