श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 67: हनुमान जी का भगवान् श्रीराम को सीता का संदेश सुनाना  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  5.67.17-18h 
राम त्वां स नमस्कृत्य राज्ञो दशरथस्य च॥ १७॥
विसृष्टस्तु तदा काक: प्रतिपेदे स्वमालयम्।
 
 
अनुवाद
श्री राम! तत्पश्चात वह कौआ आपसे विदा होकर पृथ्वी पर आपको तथा स्वर्ग में राजा दशरथ को नमस्कार करके अपने घर चला गया॥17 1/2॥
 
Shri Ram! Thereafter the crow took leave of you and after saluting you on earth and King Dasharath in heaven, went back to his home.॥ 17 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)