Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.67.15-16h: शत्रुदमन श्री राम! वह कौआ सब ओर से निराश होकर पुनः आपकी शरण में आया। शरण में आकर आपने भूमि पर पड़े उस कौए को अपने संरक्षण में ले लिया; क्योंकि आप शरण मांगने वालों पर दया करते हैं। यद्यपि वह वध के योग्य था, फिर भी आपने दयापूर्वक उसकी रक्षा की। | ramayan सर्ग 5.67: हनुमान जी का भगवान् श्रीराम को सीता का संदेश सुनाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शत्रुदमन श्री राम! वह कौआ सब ओर से निराश होकर पुनः आपकी शरण में आया। शरण में आकर आपने भूमि पर पड़े उस कौए को अपने संरक्षण में ले लिया; क्योंकि आप शरण मांगने वालों पर दया करते हैं। यद्यपि वह वध के योग्य था, फिर भी आपने दयापूर्वक उसकी रक्षा की।
Shatrudaman Shri Ram! Disappointed from all sides, that crow again came to you for shelter. After coming to shelter, you took that crow lying on the ground under your protection; because you are kind to those who seek shelter. Although he was worthy of being killed, you still protected him with kindness.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥