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श्लोक 14
श्लोक
5.67.14
भीतैश्च सम्परित्यक्त: सुरै: सर्वैश्च वायस:।
त्रीँल्लोकान् सम्परिक्रम्य त्रातारं नाधिगच्छति॥ १४॥
अनुवाद
तुमसे भयभीत होकर समस्त देवताओं ने उस कौवे को त्याग दिया। वह तीनों लोकों में घूमता रहा, परन्तु उसे कहीं कोई रक्षक न मिला॥14॥
All the gods, scared of you, abandoned that crow. He roamed around the three worlds, but he did not find any protector anywhere.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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