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ramayan 5.67.13: 'आपने वह जलती हुई कुशा कौए की ओर छोड़ दी। तब वह चमकती हुई दर्भा उस कौए का पीछा करने लगी।॥13॥   |   ramayan सर्ग 5.67: हनुमान जी का भगवान् श्रीराम को सीता का संदेश सुनाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 67: हनुमान जी का भगवान् श्रीराम को सीता का संदेश सुनाना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.67.13 
स त्वं प्रदीप्तं चिक्षेप दर्भं तं वायसं प्रति।
ततस्तु वायसं दीप्त: स दर्भोऽनुजगाम ह॥ १३॥
 
 
अनुवाद
'आपने वह जलती हुई कुशा कौए की ओर छोड़ दी। तब वह चमकती हुई दर्भा उस कौए का पीछा करने लगी।॥13॥
 
‘You left that burning Kusha towards the crow. Then that shining Darbha started chasing that crow.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)