श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 66: चूडामणि को देखकर और सीता का समाचार पाकर श्रीराम का उनके लिए विलाप  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.66.14 
किमाह सीता हनुमंस्तत्त्वत: कथयस्व मे।
एतेन खलु जीविष्ये भेषजेनातुरो यथा॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हनुमान! सीता ने जो कहा है, उसे ठीक-ठीक कहो। जैसे रोगी औषधि ग्रहण करके जीवित रहता है, वैसे ही सीता का यह सन्देश सुनकर मैं भी जीवित रहूँगा।॥14॥
 
Hanuman! Tell me exactly what Sita has said. Just as a patient survives by taking medicine, I will survive only after hearing this message from Sita. ॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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