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ramayan 5.66.12: हाय! मेरी पतिव्रता सुमध्यमा सीता बड़ी डरपोक है। उन भयंकर रूप वाले राक्षसों के बीच वह कैसे रहेगी?॥12॥   |   ramayan सर्ग 5.66: चूडामणि को देखकर और सीता का समाचार पाकर श्रीराम का उनके लिए विलाप   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.66.12 
कथं सा मम सुश्रोणी भीरुभीरु: सती तदा।
भयावहानां घोराणां मध्ये तिष्ठति रक्षसाम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
हाय! मेरी पतिव्रता सुमध्यमा सीता बड़ी डरपोक है। उन भयंकर रूप वाले राक्षसों के बीच वह कैसे रहेगी?॥12॥
 
Alas! My chaste and virtuous Sumadhyāmā Sita is very timid. How would she live amidst those fierce looking demons?॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)