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ramayan 5.66.11: मुझे उस देश में ले चलो जहाँ तुमने मेरी प्रियतमा को देखा है। अब जब मैंने उसका समाचार सुन लिया है, तो मैं यहाँ एक क्षण भी नहीं रुक सकता॥ 11॥   |   ramayan सर्ग 5.66: चूडामणि को देखकर और सीता का समाचार पाकर श्रीराम का उनके लिए विलाप   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 66: चूडामणि को देखकर और सीता का समाचार पाकर श्रीराम का उनके लिए विलाप  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.66.11 
नय मामपि तं देशं यत्र दृष्टा मम प्रिया।
न तिष्ठेयं क्षणमपि प्रवृत्तिमुपलभ्य च॥ ११॥
 
 
अनुवाद
मुझे उस देश में ले चलो जहाँ तुमने मेरी प्रियतमा को देखा है। अब जब मैंने उसका समाचार सुन लिया है, तो मैं यहाँ एक क्षण भी नहीं रुक सकता॥ 11॥
 
Take me to the country where you have seen my beloved. Now that I have heard the news of her, I cannot stay here even for a moment.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)