श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 66: चूडामणि को देखकर और सीता का समाचार पाकर श्रीराम का उनके लिए विलाप  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.66.10 
चिरं जीवति वैदेही यदि मासं धरिष्यति।
क्षणं वीर न जीवेयं विना तामसितेक्षणाम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
(तब उन्होंने हनुमान जी से कहा-) 'पवनपुत्र! यदि विदेहनन्दनी सीता एक मास जीवित रहेंगी, तो दीर्घायु होंगी। मैं काली आँखों वाली जानकी के बिना एक क्षण भी नहीं रह सकता।॥10॥
 
(Then he said to Hanuman Ji-) 'Valiant son of Pawan! If Videhanandani Sita will live for one month, then she will live for a long time. I cannot live even for a moment without Janaki who has black eyes.॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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