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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 65: हनुमान जी का श्रीराम को सीता का समाचार सुनाना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  5.65.28 
तौ जाताश्वासौ राजपुत्रौ विदित्वा
तच्चाभिज्ञानं राघवाय प्रदाय।
देव्या चाख्यातं सर्वमेवानुपूर्व्याद्
वाचा सम्पूर्णं वायुपुत्र: शशंस॥ २८॥
 
 
अनुवाद
यह जानकर कि राजकुमार राम और लक्ष्मण को कुछ आश्वासन मिल गया है और उन्होंने श्री रघुनाथजी को अपना परिचय दे दिया है, वायुपुत्र हनुमान ने धीरे-धीरे अपनी वाणी में वह सब कुछ कह सुनाया जो देवी सीता ने कहा था॥ 28॥
 
Knowing that Prince Rama and Lakshmana had received some assurance, and having handed over the identity to Sri Raghunath, Vayu's son Hanuman narrated in his voice gradually all that Devi Sita had said.॥ 28॥
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये सुन्दरकाण्डे पञ्चषष्टितम: सर्ग:॥ ६५॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके सुन्दरकाण्डमें पैंसठवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ६५॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)