Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.65.26: इस प्रकार वह सुकुमारी सीता मुझे यह सन्देश देकर आपके पास आई है। वह रावण के हरम में बन्द है और भयभीत हिरणी के समान आँखें फाड़कर चारों ओर संदेह भरी दृष्टि से देख रही है॥ 26॥ | ramayan सर्ग 5.65: हनुमान जी का श्रीराम को सीता का समाचार सुनाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार वह सुकुमारी सीता मुझे यह सन्देश देकर आपके पास आई है। वह रावण के हरम में बन्द है और भयभीत हिरणी के समान आँखें फाड़कर चारों ओर संदेह भरी दृष्टि से देख रही है॥ 26॥
‘Thus the thin and virtuous Sita gave me this message to convey to you. She is imprisoned in Ravana's harem and like a frightened deer looking around with wide open eyes she looks everywhere with suspicious eyes.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥