Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.65.18: सुग्रीव के साथ आपकी मित्रता का समाचार सुनकर वह अत्यंत प्रसन्न हुई। उसका उत्तम आचरण और विचार (पति के प्रति निष्ठा) दृढ़ है। वह सदैव आपके प्रति भक्ति रखती है॥ 18॥ | ramayan सर्ग 5.65: हनुमान जी का श्रीराम को सीता का समाचार सुनाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रामसुग्रीवसख्यं च श्रुत्वा हर्षमुपागता।
नियत: समुदाचारो भक्तिश्चास्या: सदा त्वयि॥ १८॥
अनुवाद
सुग्रीव के साथ आपकी मित्रता का समाचार सुनकर वह अत्यंत प्रसन्न हुई। उसका उत्तम आचरण और विचार (पति के प्रति निष्ठा) दृढ़ है। वह सदैव आपके प्रति भक्ति रखती है॥ 18॥
She was very happy to hear the news of your friendship with Sugreeva. Her high-class conduct and thoughts (fidelity towards her husband) are strong. She always has devotion towards you.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥