Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.65.11-13h: श्री राम! लंका पहुँचकर मैंने रावण के अन्तःपुर में प्रमदवन वन में राक्षसों के बीच बैठी हुई सुन्दर एवं पतिव्रता देवी सीता को देखा। वे अपनी समस्त कामनाओं को आप पर केन्द्रित करके किसी प्रकार अपना जीवन निर्वाह कर रही हैं। राक्षसियाँ भयानक रूप धारण करके उनकी रक्षा करती हैं और उन्हें बार-बार डाँटती रहती हैं।॥ 11-12 1/2॥ | ramayan सर्ग 5.65: हनुमान जी का श्रीराम को सीता का समाचार सुनाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री राम! लंका पहुँचकर मैंने रावण के अन्तःपुर में प्रमदवन वन में राक्षसों के बीच बैठी हुई सुन्दर एवं पतिव्रता देवी सीता को देखा। वे अपनी समस्त कामनाओं को आप पर केन्द्रित करके किसी प्रकार अपना जीवन निर्वाह कर रही हैं। राक्षसियाँ भयानक रूप धारण करके उनकी रक्षा करती हैं और उन्हें बार-बार डाँटती रहती हैं।॥ 11-12 1/2॥
Shri Ram! After reaching Lanka, I saw the beautiful and chaste Goddess Sita sitting amidst the demonesses in the Pramadavana forest in Ravana's inner palace. She is somehow sustaining her life by focusing all her desires on you. The demonesses with terrifying forms guard her and keep reprimanding her again and again.॥ 11-12 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥