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ramayan 5.64.7: तुम बहुत दूर से आए हो, इसलिए फल खाओ और शहद पियो। यह सब तुम्हारी संपत्ति है। हे वीर योद्धा! तुम हमारे राजकुमार और इस जंगल के स्वामी हो।   |   ramayan सर्ग 5.64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.64.7 
श्रान्तो दूरादनुप्राप्तो भक्षयस्व स्वकं मधु।
युवराजस्त्वमीशश्च वनस्यास्य महाबल॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तुम बहुत दूर से आए हो, इसलिए फल खाओ और शहद पियो। यह सब तुम्हारी संपत्ति है। हे वीर योद्धा! तुम हमारे राजकुमार और इस जंगल के स्वामी हो।
 
You have come from a long distance, so eat the fruits and drink the honey. All this is your property. O mighty warrior! You are our prince and the owner of this forest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)