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ramayan 5.64.41: वे अंगद आदि योद्धा हर्ष और उत्साह से भरकर आकाश से वानरराज सुग्रीव और रघुनाथजी के पास उतरे॥41॥   |   ramayan सर्ग 5.64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  5.64.41 
तेऽङ्गदप्रमुखा वीरा: प्रहृष्टाश्च मुदान्विता:।
निपेतुर्हरिराजस्य समीपे राघवस्य च॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
वे अंगद आदि योद्धा हर्ष और उत्साह से भरकर आकाश से वानरराज सुग्रीव और रघुनाथजी के पास उतरे॥41॥
 
Filled with joy and enthusiasm, those warriors like Angad and others came down from the sky near the monkey king Sugriva and Raghunathji. 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)