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ramayan 5.64.40: इतने में ही श्री रामचन्द्रजी के दर्शन की इच्छा से अंगद और वानर नायक हनुमान्‌जी को आगे करके सब वानर वहाँ पहुँच गए॥40॥   |   ramayan सर्ग 5.64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  5.64.40 
आजग्मुस्तेऽपि हरयो रामदर्शनकाङ्क्षिण:।
अङ्गदं पुरत: कृत्वा हनूमन्तं च वानरम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
इतने में ही श्री रामचन्द्रजी के दर्शन की इच्छा से अंगद और वानर नायक हनुमान्‌जी को आगे करके सब वानर वहाँ पहुँच गए॥40॥
 
Meanwhile, with the desire to see Shri Ramchandraji, all the monkeys reached there, putting Angad and the monkey hero Hanuman in front. 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)