Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.64.39: उन वानरों की गर्जना सुनकर वानरश्रेष्ठ सुग्रीव का हृदय हर्ष से खिल उठा। उन्होंने अपनी पूँछ लंबी और ऊँची कर ली।   |   ramayan सर्ग 5.64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  5.64.39 
तत: श्रुत्वा निनादं तं कपीनां कपिसत्तम:।
आयताञ्चितलाङ्गूल: सोऽभवद्हृष्टमानस:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
उन वानरों की गर्जना सुनकर वानरश्रेष्ठ सुग्रीव का हृदय हर्ष से खिल उठा। उन्होंने अपनी पूँछ लंबी और ऊँची कर ली।
 
Hearing the roar of those monkeys, the heart of the best of the apes Sugreeva blossomed with joy. He made his tail long and high.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)