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ramayan 5.64.26-27h: अंगद के पास पहुँचते ही वानरराज सुग्रीव ने शोकग्रस्त कमलनयन श्री राम से कहा- 26 1/2॥   |   ramayan सर्ग 5.64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  5.64.26-27h 
अङ्गदे समनुप्राप्ते सुग्रीवो वानरेश्वर:॥ २६॥
उवाच शोकसंतप्तं रामं कमललोचनम्।
 
 
अनुवाद
अंगद के पास पहुँचते ही वानरराज सुग्रीव ने शोकग्रस्त कमलनयन श्री राम से कहा- 26 1/2॥
 
As soon as he reached near Angad, the monkey king Sugriva said to the grief-stricken Kamalanayan Shri Ram - 26 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)