श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.64.16 
सर्वे यथा मां वक्ष्यन्ति समेत्य हरिपुङ्गवा:।
तथास्मि कर्ता कर्तव्ये भवद्भि: परवानहम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे वानरपुरुषों! आप लोग जो कुछ भी मुझे करने को कहेंगे, मैं वही करूँगा, क्योंकि मैं कर्तव्य के विषय में आपके अधीन हूँ॥16॥
 
O monkey-men! I will do whatever you all tell me to do, because I am subordinate to you in matters of duty.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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