श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना  »  श्लोक 13-14
 
 
श्लोक  5.64.13-14 
शङ्के श्रुतोऽयं वृत्तान्तो रामेण हरियूथपा:॥ १३॥
अयं च हर्षादाख्याति तेन जानामि हेतुना।
तत् क्षमं नेह न: स्थातुं कृते कार्ये परंतपा:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे वानरवीरों! ऐसा प्रतीत होता है कि भगवान् श्री राम ने हमारे लौटने का समाचार सुन लिया है; क्योंकि वे बड़े प्रसन्नता से उस स्थान के बारे में बता रहे हैं। मैं इस बात को इसी प्रकार जानता हूँ। अतः हे शत्रुओं को पीड़ा पहुँचाने वाले वीरों! अब जब कार्य पूर्ण हो गया है, तो हमें यहाँ अधिक समय तक नहीं रुकना चाहिए॥ 13-14॥
 
O monkey warriors! It seems that Lord Shri Ram has heard the news of our return; because he is very happily telling about that place. This is how I know this. Therefore, O heroes who torment the enemies! Now that the task is complete, we should not stay here for long.॥ 13-14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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