श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 64: दधिमुख से सुग्रीव का संदेश सुनकर अङ्गद-हनुमान् आदि वानरों का किष्किन्धा में पहुँचना और हनमान जी का श्रीराम को प्रणाम करके सीता देवी के दर्शन का समाचार बताना  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  5.64.12-13h 
श्रुत्वा दधिमुखस्यैतद् वचनं श्लक्ष्णमङ्गद:॥ १२॥
अब्रवीत् तान् हरिश्रेष्ठो वाक्यं वाक्यविशारद:।
 
 
अनुवाद
दधिमुख के ये वचन सुनकर वानरश्रेष्ठ, वार्तालाप में निपुण अंगद ने उन सबसे मधुर वाणी में कहा -
 
On hearing these words of Dadhimukh, Angad, the best of the apes skilled in conversation, said in the sweetest voice to all of them -
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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