एभि: प्रधर्षणायां च वारितं वनपालकै:।
मामप्यचिन्तयन् देव भक्षयन्ति वनौकस:॥ ७॥
अनुवाद
हे प्रभु! जब हनुमानजी और अन्य वानरों ने मधुवन को लूटना आरम्भ किया, तब हमारे वनरक्षकों ने उन्हें रोकने का प्रयत्न किया; परन्तु उन वानरों ने न तो उनकी और न ही मेरी ओर ध्यान दिया और वहीं फल खाते रहे।
O Lord! When Hanuman and other monkeys started plundering Madhuvan, our forest guards tried to stop them; but those monkeys did not pay any heed to them or even to me and kept eating the fruits there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥