श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 63: दधिमुख से मधुवन के विध्वंस का समाचार सुनकर सुग्रीव का हनुमान् आदि वानरों की सफलता के विषय में अनुमान  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  5.63.26 
दृष्टा सीता महाबाहो सौमित्रे पश्य तत्त्वत:।
अभिगम्य यथा सर्वे पिबन्ति मधु वानरा:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
हे महाबाहु सुमित्रानन्दन! अब सीताजी मिल गई हैं, यह बात आपको ठीक ही समझनी चाहिए; क्योंकि वे सब वानर उस वन में जाकर मधुपान कर रहे हैं॥ 26॥
 
O mighty-armed Sumitra Nandan! You must consider it correct that Sita has now been found; because all those monkeys have gone to that forest and are drinking honey.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)