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ramayan 5.63.2: "उठो, उठो! मेरे पैरों पर क्यों पड़े हो? मैं तुम्हें सुरक्षा देता हूँ। मुझे सच बताओ।"   |   ramayan सर्ग 5.63: दधिमुख से मधुवन के विध्वंस का समाचार सुनकर सुग्रीव का हनुमान् आदि वानरों की सफलता के विषय में अनुमान   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.63.2 
उत्तिष्ठोत्तिष्ठ कस्मात् त्वं पादयो: पतितो मम।
अभयं ते प्रदास्यामि सत्यमेवाभिधीयताम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
"उठो, उठो! मेरे पैरों पर क्यों पड़े हो? मैं तुम्हें सुरक्षा देता हूँ। मुझे सच बताओ।"
 
"Get up, get up! Why are you lying at my feet? I give you protection. Tell me the truth."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)