Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.62.8: वे सभी वानर सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर उन्हें रोकने आए रक्षकों पर कूद-कूदकर आक्रमण कर देते थे तथा मधुवन में शहद पीने तथा फल खाने में व्यस्त हो जाते थे।   |   ramayan सर्ग 5.62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.62.8 
उत्पत्य च तत: सर्वे वनपालान् समागतान्।
ते ताडयन्त: शतश: सक्ता मधुवने तदा॥ ८॥
 
 
अनुवाद
वे सभी वानर सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर उन्हें रोकने आए रक्षकों पर कूद-कूदकर आक्रमण कर देते थे तथा मधुवन में शहद पीने तथा फल खाने में व्यस्त हो जाते थे।
 
All those monkeys, gathered in hundreds, attacked the guards who came to stop them by jumping on them and were busy drinking honey and eating fruits of the Madhuvan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)