Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.62.33: ये दुष्ट और विश्वासघाती वानर, जिन्होंने राजा की आज्ञा का उल्लंघन किया है, वध के योग्य हैं। इनके मारे जाने पर ही मेरा क्रोध शांत होगा।॥33॥ | ramayan सर्ग 5.62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वध्या ह्येते दुरात्मानो नृपाज्ञापरिपन्थिन:।
अमर्षप्रभवो रोष: सफलो मे भविष्यति॥ ३३॥
अनुवाद
ये दुष्ट और विश्वासघाती वानर, जिन्होंने राजा की आज्ञा का उल्लंघन किया है, वध के योग्य हैं। इनके मारे जाने पर ही मेरा क्रोध शांत होगा।॥33॥
‘These wicked and traitorous monkeys who have violated the king's command deserve to be killed. Only when they are killed will my anger born of rage be quenched.'॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥