Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.62.29: आओ, आओ, अब हम उस स्थान पर चलें जहाँ हमारे स्वामी मोटी गर्दन वाले सुग्रीव श्री रामचन्द्रजी के साथ बैठे हैं।   |   ramayan सर्ग 5.62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  5.62.29 
एतागच्छत गच्छामो भर्ता नो यत्र वानर:।
सुग्रीवो विपुलग्रीव: सह रामेण तिष्ठति॥ २९॥
 
 
अनुवाद
आओ, आओ, अब हम उस स्थान पर चलें जहाँ हमारे स्वामी मोटी गर्दन वाले सुग्रीव श्री रामचन्द्रजी के साथ बैठे हैं।
 
Come, come, let us now go to the place where our master the thick-necked Sugreeva is seated with Shri Ramachandraji.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)