Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.62.28: किसी प्रकार उन वानरों के हाथ से छूटकर वानरों का प्रधान दधमुख एकांत स्थान पर आया और वहाँ एकत्रित अपने सेवकों से बोला - ॥28॥ | ramayan सर्ग 5.62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स कथंचिद् विमुक्तस्तैर्वानरैर्वानरर्षभ:।
उवाचैकान्तमागत्य स्वान् भृत्यान् समुपागतान्॥ २८॥
अनुवाद
किसी प्रकार उन वानरों के हाथ से छूटकर वानरों का प्रधान दधमुख एकांत स्थान पर आया और वहाँ एकत्रित अपने सेवकों से बोला - ॥28॥
After somehow getting free from the hands of those monkeys, the chief of the monkeys Dadhmukh came to a secluded place and said to his servants gathered there - ॥28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥