Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.62.27: उनकी भुजाएँ, जाँघें और मुख सब टूट गए। वे रक्त से लथपथ होकर व्याकुल हो गए। महान कपिकुंजर दधिमुख दो घंटे तक वहीं अचेत पड़े रहे।   |   ramayan सर्ग 5.62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  5.62.27 
स भग्नबाहूरुमुखो विह्वल: शोणितोक्षित:।
प्रमुमोह महावीरो मुहूर्तं कपिकुञ्जर:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
उनकी भुजाएँ, जाँघें और मुख सब टूट गए। वे रक्त से लथपथ होकर व्याकुल हो गए। महान कपिकुंजर दधिमुख दो घंटे तक वहीं अचेत पड़े रहे।
 
His arms, thighs and face were all broken. He was drenched in blood and became distraught. The great Kapikunjar Dadhimukh remained lying there unconscious for two hours.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)