Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.62.21: उनके बीच में खड़े होकर, हाथ में एक विशाल वृक्ष लिए हुए, दधिमुख ने हनुमान के समूह पर बड़े वेग से आक्रमण किया। इसके साथ ही, उन सभी वानरों ने भी मधुपान करने वाले उन वानरों पर आक्रमण कर दिया। | ramayan सर्ग 5.62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मध्ये चैषां दधिमुख: सुप्रगृह्य महातरुम्।
समभ्यधावन् वेगेन सर्वे ते च प्लवंगमा:॥ २१॥
अनुवाद
उनके बीच में खड़े होकर, हाथ में एक विशाल वृक्ष लिए हुए, दधिमुख ने हनुमान के समूह पर बड़े वेग से आक्रमण किया। इसके साथ ही, उन सभी वानरों ने भी मधुपान करने वाले उन वानरों पर आक्रमण कर दिया।
Standing in their midst, Dadhimukh attacked Hanuman's group with great speed, holding a huge tree in his hand. Along with that, all those monkeys also attacked those honey-drinking monkeys.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥