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ramayan 5.62.20: दधिमुख के ये वचन सुनकर वीर वानरराज पुनः उसके साथ मधुवन को चले।   |   ramayan सर्ग 5.62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.62.20 
श्रुत्वा दधिमुखस्येदं वचनं वानरर्षभा:।
पुनर्वीरा मधुवनं तेनैव सहिता ययु:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
दधिमुख के ये वचन सुनकर वीर वानरराज पुनः उसके साथ मधुवन को चले।
 
On hearing these words of Dadhimukh, the brave monkey king again went with him to Madhuvana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)