Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.62.2-4h: हनुमानजी के वचन सुनकर वानरराज अंगद भी प्रसन्नतापूर्वक बोले, "वानर अपनी इच्छानुसार मधुपान कर सकते हैं। हनुमानजी अब अपना कार्य पूरा करके लौट आए हैं। अतः यदि मैं उनकी बात मानने में समर्थ न भी होऊँ, तो भी मुझे माननी ही पड़ेगी। फिर ऐसी बात कहने में क्या रखा है?"॥ 2-3 1/2॥ | ramayan सर्ग 5.62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हनुमानजी के वचन सुनकर वानरराज अंगद भी प्रसन्नतापूर्वक बोले, "वानर अपनी इच्छानुसार मधुपान कर सकते हैं। हनुमानजी अब अपना कार्य पूरा करके लौट आए हैं। अतः यदि मैं उनकी बात मानने में समर्थ न भी होऊँ, तो भी मुझे माननी ही पड़ेगी। फिर ऐसी बात कहने में क्या रखा है?"॥ 2-3 1/2॥
On hearing Hanuman's words, the chief monkey king Angad also said happily, "The monkeys can drink honey as per their wish. Hanuman has now returned after completing his task. So, even if I am not capable of accepting his words, I must accept them. Then what is there to say about such a thing?"॥ 2-3 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥