Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.62.15-16: कुछ वानर करते कुछ और बताते कुछ और कुछ उस बात का अर्थ कुछ और ही समझते थे। उस वन में मधु की रक्षा के लिए नियुक्त दधिमुख के सेवक भी उन भयंकर वानरों के रोके जाने या पीटे जाने पर सब दिशाओं में भाग जाते थे। उन रक्षकों में से बहुतों को अंगद की टोली के लोगों ने भूमि पर पटककर घुटनों से रगड़ा और कितनों के पैर पकड़कर आकाश में फेंक दिया अथवा पीठ के बल पटककर आकाश दिखाया। 15-16। | ramayan सर्ग 5.62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ वानर करते कुछ और बताते कुछ और कुछ उस बात का अर्थ कुछ और ही समझते थे। उस वन में मधु की रक्षा के लिए नियुक्त दधिमुख के सेवक भी उन भयंकर वानरों के रोके जाने या पीटे जाने पर सब दिशाओं में भाग जाते थे। उन रक्षकों में से बहुतों को अंगद की टोली के लोगों ने भूमि पर पटककर घुटनों से रगड़ा और कितनों के पैर पकड़कर आकाश में फेंक दिया अथवा पीठ के बल पटककर आकाश दिखाया। 15-16।
Some monkeys used to do one thing and tell another thing and some understood the meaning of that thing in a different way. In that forest, Dadhimukh's servants who were appointed to protect Madhu, also ran away in all directions when they were stopped or beaten by those fierce monkeys. Many of those guards were thrown on the ground by the people of Angad's group and were rubbed with their knees and some were thrown in the sky by holding their feet or were thrown on their backs and shown the sky. 15-16.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥