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श्लोक  5.62.12 
अत्यर्थं च मदग्लाना: पर्णान्यास्तीर्य शेरते।
उन्मत्तवेगा: प्लवगा मधुमत्ताश्च हृष्टवत्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
कई बंदर नशे के कारण बहुत दुखी हो रहे थे। उनकी गति पागलों जैसी लग रही थी। वे शहद पीकर मदमस्त हो गए थे, इसलिए वे पत्ते बिछाकर बड़े आनंद से सो गए।
 
Many monkeys were feeling very sad due to intoxication. Their speed was seen like that of mad men. They had become intoxicated by drinking honey, so they spread leaves and slept with great joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)