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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना  »  श्लोक 1-2h
 
 
श्लोक  5.62.1-2h 
तानुवाच हरिश्रेष्ठो हनूमान् वानरर्षभ:।
अव्यग्रमनसो यूयं मधु सेवत वानरा:॥ १॥
अहमावर्जयिष्यामि युष्माकं परिपन्थिन:।
 
 
अनुवाद
उस समय महाबली वानरराज हनुमान ने अपने साथियों से कहा, "वानरों! तुम सब निडर होकर मधु पियो। मैं तुम्हारे विरोधियों को रोक दूँगा।"
 
At that time, the great monkey king Hanuman said to his companions, 'Monkeys! All of you drink honey without any fear. I will stop your opponents.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)