श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 61: वानरों का मधुवन में जाकर वहाँ के मधु एवं फलों का मनमाना उपभोग करना और वनरक्षक को घसीटना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.61.9 
यद् रक्षति महावीर: सदा दधिमुख: कपि:।
मातुल: कपिमुख्यस्य सुग्रीवस्य महात्मन:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वानरों में श्रेष्ठ सुग्रीव के मामा महावीर दधमुख नामक वानर सदैव उस वन की रक्षा करते थे।
 
A monkey named Mahavir Dadhmukh, the maternal uncle of Sugreeva, the best of the apes, always protected that forest.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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