vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 5: सुन्दर काण्ड
»
सर्ग 61: वानरों का मधुवन में जाकर वहाँ के मधु एवं फलों का मनमाना उपभोग करना और वनरक्षक को घसीटना
»
श्लोक 9
श्लोक
5.61.9
यद् रक्षति महावीर: सदा दधिमुख: कपि:।
मातुल: कपिमुख्यस्य सुग्रीवस्य महात्मन:॥ ९॥
अनुवाद
वानरों में श्रेष्ठ सुग्रीव के मामा महावीर दधमुख नामक वानर सदैव उस वन की रक्षा करते थे।
A monkey named Mahavir Dadhmukh, the maternal uncle of Sugreeva, the best of the apes, always protected that forest.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas