श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 61: वानरों का मधुवन में जाकर वहाँ के मधु एवं फलों का मनमाना उपभोग करना और वनरक्षक को घसीटना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.61.7 
प्लवमाना: खमाप्लुत्य ततस्ते काननौकस:।
नन्दनोपममासेदुर्वनं द्रुमशतायुतम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
आकाश में छलांग लगाते हुए वे वनवासी वानर सैकड़ों वृक्षों से युक्त एक सुन्दर वन में पहुँचे, जो नन्दनवन के समान सुन्दर था।
 
Leaping in the sky, those forest dwelling monkeys reached a beautiful forest filled with hundreds of trees, which was as beautiful as Nandanavan. 7.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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