Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.61.4: उस समय सिद्धगण तथा अन्य भूतगण अत्यंत वेगशाली, बलवान और बुद्धिमान हनुमान जी की बड़ी-बड़ी प्रशंसा कर रहे थे और उन्हें अविचल नेत्रों से देख रहे थे, मानो वे उन्हें अपनी दृष्टि से ही ले जा रहे हों। | ramayan सर्ग 5.61: वानरों का मधुवन में जाकर वहाँ के मधु एवं फलों का मनमाना उपभोग करना और वनरक्षक को घसीटना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय सिद्धगण तथा अन्य भूतगण अत्यंत वेगशाली, बलवान और बुद्धिमान हनुमान जी की बड़ी-बड़ी प्रशंसा कर रहे थे और उन्हें अविचल नेत्रों से देख रहे थे, मानो वे उन्हें अपनी दृष्टि से ही ले जा रहे हों।
At that time, the Siddhas and other ghosts were praising the extremely swift, powerful and intelligent Hanuman ji profusely and were looking at him with unblinking eyes as if they were carrying him with their sight.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥