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ramayan 5.61.3: वे महाबली वानर, मेरु पर्वत के समान विशाल और मदमस्त हाथियों के समान प्रतीत होते हुए, ऐसे चल रहे थे मानो आकाश को ढक रहे हों।   |   ramayan सर्ग 5.61: वानरों का मधुवन में जाकर वहाँ के मधु एवं फलों का मनमाना उपभोग करना और वनरक्षक को घसीटना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.61.3 
मेरुमन्दरसंकाशा मत्ता इव महागजा:।
छादयन्त इवाकाशं महाकाया महाबला:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
वे महाबली वानर, मेरु पर्वत के समान विशाल और मदमस्त हाथियों के समान प्रतीत होते हुए, ऐसे चल रहे थे मानो आकाश को ढक रहे हों।
 
Those mighty monkeys, as huge as Mount Meru and looking like huge, intoxicated elephants, were going as if covering the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)