Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.61.21: बड़े-बड़े वानरों ने, जो नशे में थे, वन की रक्षा कर रहे उस वृद्ध योद्धा वानर को डाँटना शुरू कर दिया। किन्तु भयंकर तेजस्वी दधिमुख ने पुनः उन वानरों से वन की रक्षा करने का निश्चय किया। | ramayan सर्ग 5.61: वानरों का मधुवन में जाकर वहाँ के मधु एवं फलों का मनमाना उपभोग करना और वनरक्षक को घसीटना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स तै: प्रवृद्धै: परिभर्त्स्यमानो
वनस्य गोप्ता हरिवृद्धवीर:।
चकार भूयो मतिमुग्रतेजा
वनस्य रक्षां प्रति वानरेभ्य:॥ २१॥
अनुवाद
बड़े-बड़े वानरों ने, जो नशे में थे, वन की रक्षा कर रहे उस वृद्ध योद्धा वानर को डाँटना शुरू कर दिया। किन्तु भयंकर तेजस्वी दधिमुख ने पुनः उन वानरों से वन की रक्षा करने का निश्चय किया।
The big monkeys who were heavily intoxicated started reprimanding the old warrior monkey who was protecting the forest. However, the fierce and radiant Dadhimukh once again decided to protect the forest from those monkeys.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥