श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 61: वानरों का मधुवन में जाकर वहाँ के मधु एवं फलों का मनमाना उपभोग करना और वनरक्षक को घसीटना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.61.12 
तत: कुमारस्तान् वृद्धाञ्जाम्बवत्प्रमुखान् कपीन्।
अनुमान्य ददौ तेषां निसर्गं मधुभक्षणे॥ १२॥
 
 
अनुवाद
उस समय कुमार अंगद ने जाम्बवान आदि बड़े-बड़े वानरों की अनुमति लेकर उन सबको मधुपान करने का आदेश दिया ॥12॥
 
At that time, Kumar Angada took the permission of Jambavan and other big monkeys and ordered them all to drink honey. 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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